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ऋग्वेद

Mandal 1 • Sukta 117 • Mantra / Rik 24

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 1 • सूक्त 117 • ऋचा / मन्त्र 24

1.117.24

Mantra ID: 1.117.24

हिर॑ण्यहस्तमश्विना॒ ररा॑णा पु॒त्रं न॑रा वध्रिम॒त्या अ॑दत्तम् । त्रिधा॑ ह॒ श्याव॑मश्विना॒ विक॑स्त॒मुज्जी॒वस॑ ऐरयतं सुदानू ॥ (२४)

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ऋग्वेद मन्त्र 1.117.24 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे दाता एवं नेता अश्विनीकुमारो! तुमने तीन भागों में विच्छिन्न श्याव को जीवन दिया है. (२४)

EN English Translation

O donor and leader Ashwini Kumars! You have given life to Shyava, in three parts. (24)

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