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ऋग्वेद

Mandal 1 • Sukta 162 • Mantra / Rik 22

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 1 • सूक्त 162 • ऋचा / मन्त्र 22

1.162.22

Mantra ID: 1.162.22

सु॒गव्यं॑ नो वा॒जी स्वश्व्यं॑ पुं॒सः पु॒त्राँ उ॒त वि॑श्वा॒पुषं॑ र॒यिम् । अ॒ना॒गा॒स्त्वं नो॒ अदि॑तिः कृणोतु क्ष॒त्रं नो॒ अश्वो॑ वनतां ह॒विष्मा॑न् ॥ (२२)

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ऋग्वेद मन्त्र 1.162.22 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

बलि किया जाता हुआ अश्व हमें गायों एवं अश्वों से संपन्न एवं पुत्र, पौत्र पत्नी आदि की रक्षा करने वाला धन दे तथा संतान प्रदान करे. हे तेजस्वी अश्व! हमें पापरहित बनाओ तथा क्षत्रियोचित तेज एवं बल दो. (२२)

EN English Translation

May the horse being sacrificed give us money and children to protect the son, the grandson, wife, etc., rich in cows and horses. O stunning horse! Make us sinless and give us the power and strength. (22)

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