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ऋग्वेद

Mandal 1 • Sukta 2 • Mantra / Rik 7

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 1 • सूक्त 2 • ऋचा / मन्त्र 7

1.2.7

Mantra ID: 1.2.7

मि॒त्रं हु॑वे पू॒तद॑क्षं॒ वरु॑णं च रि॒शाद॑सम् । धियं॑ घृ॒ताचीं॒ साध॑न्ता ॥ (७)

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ऋग्वेद मन्त्र 1.2.7 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

मैं पवित्र बल वाले मित्र तथा हिंसकों का नाश करने वाले वरुण का यज्ञ में आह्वान करता हूं. ये दोनों धरती पर जल लाने का काम करते हैं. (७)

EN English Translation

I call upon Varuna in the yagna, a friend of holy force and the destroyer of the violent,. They both work to bring water to the earth. (7)

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