Popular:
ऋग्वेद

Mandal 1 • Sukta 46 • Mantra / Rik 2

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 1 • सूक्त 46 • ऋचा / मन्त्र 2

1.46.2

Mantra ID: 1.46.2

या द॒स्रा सिन्धु॑मातरा मनो॒तरा॑ रयी॒णाम् । धि॒या दे॒वा व॑सु॒विदा॑ ॥ (२)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

ऋग्वेद मन्त्र 1.46.2 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

मैं दर्शनीय एवं समुद्रपुत्र अश्विनीकुमारों की स्तुति करता हूं. वे शोभन संपत्ति देते हैं और यज्ञ करने पर हमें निवासस्थान प्रदान करते हैं. (२)

EN English Translation

I praise the sighted and sea-son Ashwinikumars. They give shobhan property and give us residence when we perform yajna. (2)

卐 HinduText AI