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ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 17 • Mantra / Rik 2

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 17 • ऋचा / मन्त्र 2

10.17.2

Mantra ID: 10.17.2

अपा॑गूहन्न॒मृतां॒ मर्त्ये॑भ्यः कृ॒त्वी सव॑र्णामददु॒र्विव॑स्वते । उ॒ताश्विना॑वभर॒द्यत्तदासी॒दज॑हादु॒ द्वा मि॑थु॒ना स॑र॒ण्यूः ॥ (२)

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ऋग्वेद मन्त्र 10.17.2 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

मरणरहित सरण्यू को मनुष्यों के बीच छिपाया गया और सरण्यू के समान दूसरी स्त्री बनाकर सूर्य को दी गई. सरण्यू उस समय घोड़ी के रूप में छिपाई गई थी. उसने अश्वरिनीकुमारों को गर्भ के रूप में धारण किया और दो बालकों को जुड़वां रूप में जन्म दिया. (२)

EN English Translation

The deathless saranu was hidden among humans and given to the sun by making another woman like saranu. Sarnew was hidden as a mare at that time. She conceived ashwarinikumaras and gave birth to two children as twins. (2)

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