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ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 26 • Mantra / Rik 3

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 26 • ऋचा / मन्त्र 3

10.26.3

Mantra ID: 10.26.3

स वे॑द सुष्टुती॒नामिन्दु॒र्न पू॒षा वृषा॑ । अ॒भि प्सुरः॑ प्रुषायति व्र॒जं न॒ आ प्रु॑षायति ॥ (३)

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ऋग्वेद मन्त्र 10.26.3 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

सोम के समान रस बरसाने वाले पूषादेव शोभन स्तुतियों को जानते हैं. सुंदर पूषा हम पर जल बरसाते हैं एवं हमारी गोशाला को सींचते हैं. (३)

EN English Translation

Pushadeva, who showers the same juice as Soma, knows the Shobhan hymns. Beautiful pushas pour water on us and irrigates our goshala. (3)

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