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10.67.12
इन्द्रो॑ म॒ह्ना म॑ह॒तो अ॑र्ण॒वस्य॒ वि मू॒र्धान॑मभिनदर्बु॒दस्य॑ । अह॒न्नहि॒मरि॑णात्स॒प्त सिन्धू॑न्दे॒वैर्द्या॑वापृथिवी॒ प्राव॑तं नः ॥ (१२)
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ऋग्वेद मन्त्र 10.67.12 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
स्वामी एवं महत्त्वशाली बृहस्पति ने महान् एवं उदकपूर्ण मेघ का मस्तक काट डाला. उन्होंने जल रोकने वाले राक्षस को मारा एवं सात नदियों को प्रवाहित किया. हे द्यावा- पृथिवी! तुम देवों के साथ मिलकर हमारी रक्षा करो. (१२)
EN English Translation
Lord and the important Jupiter cut off the head of the great and glorious cloud. They killed the water-stopping monster and flowed seven rivers. Give it - earth! You protect us together with the gods. (12)