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ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 85 • Mantra / Rik 16

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 85 • ऋचा / मन्त्र 16

10.85.16

Mantra ID: 10.85.16

द्वे ते॑ च॒क्रे सू॑र्ये ब्र॒ह्माण॑ ऋतु॒था वि॑दुः । अथैकं॑ च॒क्रं यद्गुहा॒ तद॑द्धा॒तय॒ इद्वि॑दुः ॥ (१६)

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ऋग्वेद मन्त्र 10.85.16 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे सूर्या! ब्राह्मण लोग जानते हैं कि तुम्हारे शकट के सूर्यचंद्र दोनों पहिए समय के अनुसार चलते हैं. तुम्हारा संवत्सररूप पहिया जो गुफा में छिपा हुआ है, उसे मेधावी लोग जानते हैं. (१६)

EN English Translation

Oh, O Surya! The Brahmins know that both the sun moon wheels of your shakat run according to the times. Your samvatsaroop wheel which is hidden in the cave is known to the meritorious people. (16)

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