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10.86.14
उ॒क्ष्णो हि मे॒ पञ्च॑दश सा॒कं पच॑न्ति विंश॒तिम् । उ॒ताहम॑द्मि॒ पीव॒ इदु॒भा कु॒क्षी पृ॑णन्ति मे॒ विश्व॑स्मा॒दिन्द्र॒ उत्त॑रः ॥ (१४)
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ऋग्वेद मन्त्र 10.86.14 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
इंद्राणी द्वारा प्रेरित याज्ञिक मेरे लिए पंद्रह या बीस बैल पकाते हैं. उन्हें खाकर मैं मोटा बनता हूं. याज्ञिक लोग मेरी दोनों कोखें सोमरस से भर देते हैं. इंद्र सबसे श्रेष्ठ हैं. (१४)
EN English Translation
Yagniks inspired by Indrani cook fifteen or twenty bulls for me. By eating them I become fat. The Yagniks fill both my eyes with somras. Indra is the best. (14)