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ऋग्वेद

Mandal 2 • Sukta 19 • Mantra / Rik 3

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 2 • सूक्त 19 • ऋचा / मन्त्र 3

2.19.3

Mantra ID: 2.19.3

स माहि॑न॒ इन्द्रो॒ अर्णो॑ अ॒पां प्रैर॑यदहि॒हाच्छा॑ समु॒द्रम् । अज॑नय॒त्सूर्यं॑ वि॒दद्गा अ॒क्तुनाह्नां॑ व॒युना॑नि साधत् ॥ (३)

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ऋग्वेद मन्त्र 2.19.3 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

उन पूजनीय एवं अहिनाशक बइंद्र ने जल प्रवाह को सागर की ओर प्रेरित किया. उन्होंने सूर्य को उत्पन्न करके गायों को खोजा तथा अपने तेज से दिवसों को प्रकाशित बनाया. (३)

EN English Translation

Those revered and non-destructive beendras led the flow of water towards the sea. He found the cows by producing the sun and illuminated the days with his brightness. (3)

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