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2.20.9
नू॒नं सा ते॒ प्रति॒ वरं॑ जरि॒त्रे दु॑ही॒यदि॑न्द्र॒ दक्षि॑णा म॒घोनी॑ । शिक्षा॑ स्तो॒तृभ्यो॒ माति॑ ध॒ग्भगो॑ नो बृ॒हद्व॑देम वि॒दथे॑ सु॒वीराः॑ ॥ (९)
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ऋग्वेद मन्त्र 2.20.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे इंद्र! तुम्हारी जो धनयुक्त दक्षिणा स्तुतिकर्तता की अभिलाषा पूरी करती है, वह हमें प्राप्त हो. हे भजनीय इंद्र! हमारे अतिरिक्त वह किसी अन्य को मत देना. हम उत्तम पुत्र-पौत्र प्राप्त करके इस यज्ञ में तुम्हारी स्तुति करेंगे. (९)
EN English Translation
O Indra! May we receive the rich south that fulfills your desire for praise. O psalmist Indra! Don't give it to anyone else other than us. We will receive the best sons and grandsons and praise you in this yajna. (9)