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2.28.6
अपो॒ सु म्य॑क्ष वरुण भि॒यसं॒ मत्सम्रा॒ळृता॒वोऽनु॑ मा गृभाय । दामे॑व व॒त्साद्वि मु॑मु॒ग्ध्यंहो॑ न॒हि त्वदा॒रे नि॒मिष॑श्च॒नेशे॑ ॥ (६)
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ऋग्वेद मन्त्र 2.28.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे वरुण! भय को मेरे पास से हटाओ. हे शोभासंपन्न एवं सत्ययुक्त! मुझ पर अनुग्रह करो. जिस प्रकार बंधे हुए बछड़े को रस्सी से छुड़ाते हैं, उसी प्रकार मुझे पाप से छुड़ाओ. तुमसे दूर रहकर कोई एक पल के लिए भी अधिकार प्राप्त नहीं कर सकता. (६)
EN English Translation
Hey Varun! Remove the fear from me. O glorious and truthful! Have mercy on me. Just as you deliver the tied calf from the rope, so deliver me from sin. By staying away from you, no one can gain authority even for a moment. (6)