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ऋग्वेद

Mandal 2 • Sukta 33 • Mantra / Rik 11

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 2 • सूक्त 33 • ऋचा / मन्त्र 11

2.33.11

Mantra ID: 2.33.11

स्तु॒हि श्रु॒तं ग॑र्त॒सदं॒ युवा॑नं मृ॒गं न भी॒ममु॑पह॒त्नुमु॒ग्रम् । मृ॒ळा ज॑रि॒त्रे रु॑द्र॒ स्तवा॑नो॒ऽन्यं ते॑ अ॒स्मन्नि व॑पन्तु॒ सेनाः॑ ॥ (११)

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ऋग्वेद मन्त्र 2.33.11 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे स्तोता! प्रसिद्ध, रथ पर बैठे हुए, युवा, पशु के समान भयानक, शत्रुनाशक तथा उग्र रुद्र की स्तुति करो. हे रुद्र! हम स्तुतिकर्ताओं की रक्षा करो. तुम्हारी सेना हमारे अतिरिक्त अन्य लोगों का संहार करे. (११)

EN English Translation

This is the hymn! Praise the famous, sitting on the chariot, young, as terrible as an animal, an enemy and a fierce Rudra. Hey Rudra! We protect the praises. Let your army destroy others besides us. (11)

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