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ऋग्वेद

Mandal 2 • Sukta 41 • Mantra / Rik 19

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 2 • सूक्त 41 • ऋचा / मन्त्र 19

2.41.19

Mantra ID: 2.41.19

प्रेतां॑ य॒ज्ञस्य॑ श॒म्भुवा॑ यु॒वामिदा वृ॑णीमहे । अ॒ग्निं च॑ हव्य॒वाह॑नम् ॥ (१९)

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ऋग्वेद मन्त्र 2.41.19 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे सुखपूर्वक यज्ञ पूर्ण करने वाले धरती-आकाश! आओ. हम तुम्हारी एवं हव्यवाहन अन्नि की प्रार्थना करते हैं. (१९)

EN English Translation

O earth and sky that gladly complete the yajna! Come. We pray to you and to Havavahana Anni. (19)

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