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ऋग्वेद

Mandal 4 • Sukta 19 • Mantra / Rik 10

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 4 • सूक्त 19 • ऋचा / मन्त्र 10

4.19.10

Mantra ID: 4.19.10

प्र ते॒ पूर्वा॑णि॒ कर॑णानि विप्रावि॒द्वाँ आ॑ह वि॒दुषे॒ करां॑सि । यथा॑यथा॒ वृष्ण्या॑नि॒ स्वगू॒र्तापां॑सि राज॒न्नर्यावि॑वेषीः ॥ (१०)

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ऋग्वेद मन्त्र 4.19.10 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे बुद्धिमान्‌ राजन्‌ एवं सब कुछ जानने वाले इंद्र! तुमने जिस प्रकार वर्षण कार्य किए एवं मनुष्यों को संपन्न करने वाली वर्षा करने में संपर्क कार्य किए, वामदेव ने उनका ज्यों का त्यों वर्णन कर दिया है. (१०)

EN English Translation

O the wise King and indra who knows all things! Just as you have done the rainwork and the contact work in bringing about the rain that brings about the people, The Left God has described them as such. (10)

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