Popular:
ऋग्वेद

Mandal 4 • Sukta 9 • Mantra / Rik 7

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 4 • सूक्त 9 • ऋचा / मन्त्र 7

4.9.7

Mantra ID: 4.9.7

अ॒स्माकं॑ जोष्यध्व॒रम॒स्माकं॑ य॒ज्ञम॑ङ्गिरः । अ॒स्माकं॑ श‍ृणुधी॒ हव॑म् ॥ (७)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

ऋग्वेद मन्त्र 4.9.7 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अंगिरा अग्नि! तुम हमारे यज्ञ की सेवा करो, हमारे हवि को स्वीकार करो तथा हमारे स्तोत्र को सुनो. (७)

EN English Translation

O Angira Agni! You serve our yajna, accept our glory and listen to our hymns. (7)

卐 HinduText AI