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5.2.9
वि ज्योति॑षा बृह॒ता भा॑त्य॒ग्निरा॒विर्विश्वा॑नि कृणुते महि॒त्वा । प्रादे॑वीर्मा॒याः स॑हते दु॒रेवाः॒ शिशी॑ते॒ शृङ्गे॒ रक्ष॑से वि॒निक्षे॑ ॥ (९)
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ऋग्वेद मन्त्र 5.2.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
अग्नि महान् तेज द्वारा विशेष प्रकार से चमकते हैं. एवं अपनी महिमा द्वारा सभी पदार्थो को प्रकट करते हैं. वे प्रज्वलित होकर आसुरी दुःखजनक माया को नष्ट करते हैं एवं राक्षसों को नष्ट करने हेतु ज्वालारूपी सींगों को पैना बनाते हैं. (९)
EN English Translation
Fire shines in a special way by great brightness. And by its glory they reveal all things. They ignite and destroy the asuras of sorrowful maya and sharpen the flamed horns to destroy the demons. (9)