Popular:
ऋग्वेद

Mandal 5 • Sukta 38 • Mantra / Rik 3

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 5 • सूक्त 38 • ऋचा / मन्त्र 3

5.38.3

Mantra ID: 5.38.3

शुष्मा॑सो॒ ये ते॑ अद्रिवो मे॒हना॑ केत॒सापः॑ । उ॒भा दे॒वाव॒भिष्ट॑ये दि॒वश्च॒ ग्मश्च॑ राजथः ॥ (३)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

ऋग्वेद मन्त्र 5.38.3 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे वज्रधारी इंद्र! पूजनीय, प्रसिद्धकर्म वाले एवं तुम्हारे बलरूप मरुत्‌ तथा तुम दोनों ही धरती पर मनचाही गति के लिए समर्थ हो. (३)

EN English Translation

O thunderbolt Indra! Both the revered, the famous, the doers and your strength, the desert and you are capable of the desired movement on earth. (3)

卐 HinduText AI