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5.39.1
यदि॑न्द्र चित्र मे॒हनास्ति॒ त्वादा॑तमद्रिवः । राध॒स्तन्नो॑ विदद्वस उभयाह॒स्त्या भ॑र ॥ (१)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
ऋग्वेद मन्त्र 5.39.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे विचित्र-रूप वाले एवं वज्रधारी इंद्र! तुम्हारे पास देने के लिए विशाल संपत्ति है. हे धन देने वाले इंद्र! वह धन तुम हमें दोनों हाथों से दो. (१)
EN English Translation
O strange-looking and thunderbolt-clad Indra! You have huge property to give. O Indra, who gives money! That money you give us with both hands. (1)