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5.42.15
ए॒ष स्तोमो॒ मारु॑तं॒ शर्धो॒ अच्छा॑ रु॒द्रस्य॑ सू॒नूँर्यु॑व॒न्यूँरुद॑श्याः । कामो॑ रा॒ये ह॑वते मा स्व॒स्त्युप॑ स्तुहि॒ पृष॑दश्वाँ अ॒यासः॑ ॥ (१५)
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ऋग्वेद मन्त्र 5.42.15 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हमारा यह स्तोत्र रुद्र के पुत्र मरुतों की शक्ति के सम्मुख भली प्रकार उपस्थित हो. वे तरुण हैं. हे मन! अभिलाषा मुझे धन के लिए आकर्षित करती है. बुंदकियों वाले घोड़ों पर यज्ञ के प्रति आने वाले मरुतों की स्तुति करो. (१५)
EN English Translation
Let this psalm of ours be well present in the face of the power of the Maruts, the son of Rudra. They are young. Oh mind! Desire attracts me to wealth. Praise the maruts who come to the yagna on horses with bundkis. (15)