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5.53.10
तं वः॒ शर्धं॒ रथा॑नां त्वे॒षं ग॒णं मारु॑तं॒ नव्य॑सीनाम् । अनु॒ प्र य॑न्ति वृ॒ष्टयः॑ ॥ (१०)
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ऋग्वेद मन्त्र 5.53.10 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे मरुतो! तुम्हारे नवीन रथों के वेग एवं दीप्ति की हम प्रशंसा करते हैं. वर्षा मरुतों के पीछे-पीछे चलती है. (१०)
EN English Translation
O Maruto! We admire the speed and brightness of your new chariots. The rain follows the maruts. (10)