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ऋग्वेद

Mandal 6 • Sukta 1 • Mantra / Rik 9

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 6 • सूक्त 1 • ऋचा / मन्त्र 9

6.1.9

Mantra ID: 6.1.9

सो अ॑ग्न ईजे शश॒मे च॒ मर्तो॒ यस्त॒ आन॑ट् स॒मिधा॑ ह॒व्यदा॑तिम् । य आहु॑तिं॒ परि॒ वेदा॒ नमो॑भि॒र्विश्वेत्स वा॒मा द॑धते॒ त्वोतः॑ ॥ (९)

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ऋग्वेद मन्त्र 6.1.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अग्नि! जो यजमान तुम्हारा यज्ञ करता है, तुम्हारी स्तुति करता है, समिधाओं के साथ तुम्हें हव्य देता है, स्तुतियों के साथ तुम्हें आहुति देता है, वह तुम्हारे द्वारा रक्षित होकर सभी संपत्तियां प्राप्त करता है. (९)

EN English Translation

O agni! The host who sacrifices you, praises you, greets you with samidahas, sacrifices you with praises, receives all the possessions protected by you. (9)

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