Popular:
ऋग्वेद

Mandal 6 • Sukta 16 • Mantra / Rik 22

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 6 • सूक्त 16 • ऋचा / मन्त्र 22

6.16.22

Mantra ID: 6.16.22

प्र वः॑ सखायो अ॒ग्नये॒ स्तोमं॑ य॒ज्ञं च॑ धृष्णु॒या । अर्च॒ गाय॑ च वे॒धसे॑ ॥ (२२)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

ऋग्वेद मन्त्र 6.16.22 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे मित्र ऋत्विजो! तुम यज्ञविधाता एवं शत्रुविनाशक अग्नि के प्रति यह स्तोत्र गाओ तथा हव्य दो. (२२)

EN English Translation

Oh my friend, Ritvizo! You sing this hymn to the sacrificialism and the enemy-destroying agni and give the havya. (22)

卐 HinduText AI