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ऋग्वेद

Mandal 6 • Sukta 16 • Mantra / Rik 44

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 6 • सूक्त 16 • ऋचा / मन्त्र 44

6.16.44

Mantra ID: 6.16.44

अच्छा॑ नो या॒ह्या व॑हा॒भि प्रयां॑सि वी॒तये॑ । आ दे॒वान्सोम॑पीतये ॥ (४४)

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ऋग्वेद मन्त्र 6.16.44 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अग्नि! तुम हमारे सामने आओ. तुम हव्यभक्षण एवं सोमपान करने के लिए देवों को बुलाओ. (४४)

EN English Translation

O agni! You come before us. You call the gods to do havan and sompan. (44)

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