Rigveda Quick Jump
Navigate to any Mandal or Mantra / Rik
6.26.4
त्वं रथं॒ प्र भ॑रो यो॒धमृ॒ष्वमावो॒ युध्य॑न्तं वृष॒भं दश॑द्युम् । त्वं तुग्रं॑ वेत॒सवे॒ सचा॑ह॒न्त्वं तुजिं॑ गृ॒णन्त॑मिन्द्र तूतोः ॥ (४)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
ऋग्वेद मन्त्र 6.26.4 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे इंद्र! तुमने वृषभ राजा को युद्ध का साधन रथ दिया था. वृषभ जब दस दिन तक चलने वाला युद्ध लड़ रहा था, तब तुमने उसकी रक्षा की थी. तुमने राजा वेतस का सहायक बनकर तुग्र असुर को मारा था एवं स्तुति करने वाले तुजि नामक राजा की उन्नति की थी. (४)
EN English Translation
O Indra! You gave the chariot to the Taurus king the means of war. When Taurus was fighting a ten-day war, you protected him. You killed the Tugrah Asura by becoming the helper of King Vetas and promoted a king named Tuji who praised him. (4)