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ऋग्वेद

Mandal 6 • Sukta 46 • Mantra / Rik 7

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 6 • सूक्त 46 • ऋचा / मन्त्र 7

6.46.7

Mantra ID: 6.46.7

यदि॑न्द्र॒ नाहु॑षी॒ष्वाँ ओजो॑ नृ॒म्णं च॑ कृ॒ष्टिषु॑ । यद्वा॒ पञ्च॑ क्षिती॒नां द्यु॒म्नमा भ॑र स॒त्रा विश्वा॑नि॒ पौंस्या॑ ॥ (७)

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ऋग्वेद मन्त्र 6.46.7 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! मानव प्रजाओं में जो बल एवं धन है अथवा पांच वर्णों में जो अन्न है, वह सब महान्‌ शक्तियों के साथ हमें दो. (७)

EN English Translation

O Indra! Give us all the strength and wealth that is there in human beings, or the grain that is in the five varnas, with great powers. (7)

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