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ऋग्वेद

Mandal 6 • Sukta 48 • Mantra / Rik 19

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 6 • सूक्त 48 • ऋचा / मन्त्र 19

6.48.19

Mantra ID: 6.48.19

प॒रो हि मर्त्यै॒रसि॑ स॒मो दे॒वैरु॒त श्रि॒या । अ॒भि ख्यः॑ पूष॒न्पृत॑नासु न॒स्त्वमवा॑ नू॒नं यथा॑ पु॒रा ॥ (१९)

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ऋग्वेद मन्त्र 6.48.19 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे पूषा! तुम धन के द्वारा मनुष्यों से ऊंचे एवं देवों के समान हो. युद्धों में हमारी ओर कृपादृष्टि रखना. प्राचीन काल के समान ही तुम इस समय हमारी रक्षा करना. (१९)

EN English Translation

O God! You are higher than men by money and like gods. To be kind to us in wars. Similar to the ancient times you do to protect us at this time. (19)

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