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6.48.7
बृ॒हद्भि॑रग्ने अ॒र्चिभिः॑ शु॒क्रेण॑ देव शो॒चिषा॑ । भ॒रद्वा॑जे समिधा॒नो य॑विष्ठ्य रे॒वन्नः॑ शुक्र दीदिहि द्यु॒मत्पा॑वक दीदिहि ॥ (७)
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ऋग्वेद मन्त्र 6.48.7 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे अतिशय युवा एवं दीप्तियुक्त अग्नि देव! तुम भरद्वाज द्वारा प्रज्वलित होकर अपनी विशाल किरणों द्वारा हमारे लिए धन दो एवं जलो. हे शुद्ध करने वाले अग्नि! तुम जलो. (७)
EN English Translation
O god of the most young and radiant agni! You are ignited by the flood, and give us wealth and burn by your huge rays. O cleansing agni! You burn. (7)