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ऋग्वेद

Mandal 6 • Sukta 54 • Mantra / Rik 9

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 6 • सूक्त 54 • ऋचा / मन्त्र 9

6.54.9

Mantra ID: 6.54.9

पूष॒न्तव॑ व्र॒ते व॒यं न रि॑ष्येम॒ कदा॑ च॒न । स्तो॒तार॑स्त इ॒ह स्म॑सि ॥ (९)

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ऋग्वेद मन्त्र 6.54.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे पूषा! हम तुम्हारे यज्ञकर्म में लगकर कभी मारे न जावें. इस समय हम तुम्हारी स्तुति करने वाले हों. (९)

EN English Translation

O God! Let us never be killed in your yajnakarma. At this time we are going to praise you. (9)

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