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7.1.18
इ॒मो अ॑ग्ने वी॒तत॑मानि ह॒व्याज॑स्रो वक्षि दे॒वता॑ति॒मच्छ॑ । प्रति॑ न ईं सुर॒भीणि॑ व्यन्तु ॥ (१८)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
ऋग्वेद मन्त्र 7.1.18 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे अग्नि! तुम इन अति सुंदर हव्यों को देवों के समीप लेकर जाओ. प्रत्येक देव हमारे इस हव्य की कामना करें. (१८)
EN English Translation
O agni! You take these beautiful things close to the gods. May each god wish us this good. (18)