Rigveda Quick Jump
Navigate to any Mandal or Mantra / Rik
7.1.2
तम॒ग्निमस्ते॒ वस॑वो॒ न्यृ॑ण्वन्सुप्रति॒चक्ष॒मव॑से॒ कुत॑श्चित् । द॒क्षाय्यो॒ यो दम॒ आस॒ नित्यः॑ ॥ (२)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
ऋग्वेद मन्त्र 7.1.2 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
जो अग्नि घर में पूजनीय एवं नित्य थे, उन्हीं शोभनदर्शन वाले अग्नि को सभी भयों से बचाने के लिए वसिष्ठ पुत्रों ने घर में रखा. (२)
EN English Translation
Vasishtha sons kept the agni which was revered and regular in the house to save the agni from all fears. (2)