Rigveda Quick Jump
Navigate to any Mandal or Mantra / Rik
7.103.1
सं॒व॒त्स॒रं श॑शया॒ना ब्रा॑ह्म॒णा व्र॑तचा॒रिणः॑ । वाचं॑ प॒र्जन्य॑जिन्वितां॒ प्र म॒ण्डूका॑ अवादिषुः ॥ (१)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
ऋग्वेद मन्त्र 7.103.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
मेंढक व्रत करने वाले स्तोता की तरह एक वर्ष तक सोने के बाद बादलों के प्रति प्रसन्रताकारक वाणी बोलते हैं. (१)
EN English Translation
Frogs speak a pleasing voice to the clouds after sleeping for a year like a hymn. (1)