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ऋग्वेद

Mandal 7 • Sukta 31 • Mantra / Rik 6

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 7 • सूक्त 31 • ऋचा / मन्त्र 6

7.31.6

Mantra ID: 7.31.6

त्वं वर्मा॑सि स॒प्रथः॑ पुरोयो॒धश्च॑ वृत्रहन् । त्वया॒ प्रति॑ ब्रुवे यु॒जा ॥ (६)

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ऋग्वेद मन्त्र 7.31.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे वृत्रहंता इंद्र! तुम कवच के समान हमारे रक्षक, सब जगह प्रसिद्ध व हमारे आगे युद्ध करने वाले हो. मैं तुम्हारी सहायता से शत्रुओं का नाश करूंगा. (६)

EN English Translation

O Vrithrahanta Indra! You are like armor our protector, famous everywhere and the one who fights ahead of us. I will destroy the enemies with your help. (6)

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