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ऋग्वेद

Mandal 7 • Sukta 32 • Mantra / Rik 27

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 7 • सूक्त 32 • ऋचा / मन्त्र 27

7.32.27

Mantra ID: 7.32.27

मा नो॒ अज्ञा॑ता वृ॒जना॑ दुरा॒ध्यो॒३॒॑ माशि॑वासो॒ अव॑ क्रमुः । त्वया॑ व॒यं प्र॒वतः॒ शश्व॑तीर॒पोऽति॑ शूर तरामसि ॥ (२७)

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ऋग्वेद मन्त्र 7.32.27 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! अज्ञात हिंसक एवं शत्रु लोग हम पर आक्रमण न करें. हे शूर इंद्र! हम नम्र होकर तुम्हारे साथ बहुत से कार्यो में सफलता प्राप्त करें. (२७)

EN English Translation

O Indra! Let not unknown violent and hostile people attack us. O Shur Indra! May we be humble and get success in many tasks with you. (27)

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