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7.4.9
त्वम॑ग्ने वनुष्य॒तो नि पा॑हि॒ त्वमु॑ नः सहसावन्नव॒द्यात् । सं त्वा॑ ध्वस्म॒न्वद॒भ्ये॑तु॒ पाथः॒ सं र॒यिः स्पृ॑ह॒याय्यः॑ सह॒स्री ॥ (९)
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ऋग्वेद मन्त्र 7.4.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे अग्नि! तुम हिंसक से हमारी रक्षा करो. हे शक्तिशाली अग्नि! तुम हमें पाप से बचाओ. दोषरहित अन्न हवि के रूप में तुम्हे प्राप्त हो. हमें हजारों प्रकार का अभिलषणीय धन मिले. (९)
EN English Translation
O agni! You protect us from the violent. O mighty agni! You save us from sin. You get it as a lossless grain. We received thousands of types of cultivable money. (9)