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ऋग्वेद

Mandal 7 • Sukta 66 • Mantra / Rik 1

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 7 • सूक्त 66 • ऋचा / मन्त्र 1

7.66.1

Mantra ID: 7.66.1

प्र मि॒त्रयो॒र्वरु॑णयोः॒ स्तोमो॑ न एतु शू॒ष्यः॑ । नम॑स्वान्तुविजा॒तयोः॑ ॥ (१)

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ऋग्वेद मन्त्र 7.66.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

बार-बार प्रादुर्भूत होने वाले मित्र एवं वरुण का सुखदाता तथा अन्नयुक्त स्तोत्र उनके समीप जावे. (१)

EN English Translation

Go to him a happy and grained hymn of a friend and Varuna who is repeatedly born. (1)

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