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ऋग्वेद

Mandal 7 • Sukta 69 • Mantra / Rik 4

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 7 • सूक्त 69 • ऋचा / मन्त्र 4

7.69.4

Mantra ID: 7.69.4

यु॒वोः श्रियं॒ परि॒ योषा॑वृणीत॒ सूरो॑ दुहि॒ता परि॑तक्म्यायाम् । यद्दे॑व॒यन्त॒मव॑थः॒ शची॑भिः॒ परि॑ घ्रं॒समो॒मना॑ वां॒ वयो॑ गात् ॥ (४)

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ऋग्वेद मन्त्र 7.69.4 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अश्चिनीकुमारो! तुम्हारी पत्नी सूर्यपुत्री रात के समय तुम्हारे रथ को घेरती है. तुम जिस समय यज्ञकर्म द्वारा देवाभिलाषी की रक्षा करते हो, उस समय दीप्त अन्न तुम्हारे समीप आता है. (४)

EN English Translation

O aschinikumaro! Your wife Suryaputri surrounds your chariot at night. At the time when you protect the devabhyilashi through yajnakarma, the bright food comes near to you. (4)

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