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ऋग्वेद

Mandal 7 • Sukta 94 • Mantra / Rik 12

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 7 • सूक्त 94 • ऋचा / मन्त्र 12

7.94.12

Mantra ID: 7.94.12

ताविद्दुः॒शंसं॒ मर्त्यं॒ दुर्वि॑द्वांसं रक्ष॒स्विन॑म् । आ॒भो॒गं हन्म॑ना हतमुद॒धिं हन्म॑ना हतम् ॥ (१२)

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ऋग्वेद मन्त्र 7.94.12 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र एवं अग्नि! तुम दुष्टविचारों एवं बुरे ज्ञान वाले, शक्तिशाली एवं हमारी संपत्ति का अपहरण करने वाले मनुष्य को आयुध द्वारा इस प्रकार नष्ट करो जैसे घड़ा फोड़ा जाता है. (१२)

EN English Translation

O Indra and Agni! You destroy the man of wicked thoughts and evil knowledge, the mighty and the one who hijacks our property, by the weapon, as if a pitcher is smashed. (12)

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