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8.2.21
वि॒द्मा ह्य॑स्य वी॒रस्य॑ भूरि॒दाव॑रीं सुम॒तिम् । त्रि॒षु जा॒तस्य॒ मनां॑सि ॥ (२१)
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ऋग्वेद मन्त्र 8.2.21 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हम इस वीर इंद्र की अधिक धन देने वाली कल्याणबुद्धि को जानते हैं. हम तीनों लोकों में उत्पन्न इंद्र को जानते हैं. (२१)
EN English Translation
We know the more wealthy wisdom of this heroic Indra. We know Indra born in all the three realms. (21)