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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 2 • Mantra / Rik 25

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 2 • ऋचा / मन्त्र 25

8.2.25

Mantra ID: 8.2.25

पन्य॑म्पन्य॒मित्सो॑तार॒ आ धा॑वत॒ मद्या॑य । सोमं॑ वी॒राय॒ शूरा॑य ॥ (२५)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.2.25 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे सोमरस निचोड़ने वालो! तुम प्रमत्त करने योग्य, वीर एवं शूर इंद्र के लिए सब जगह स्तुतियोग्य सोमरस दो. (२५)

EN English Translation

O somers squeezer! worthy of respect, Give praiseworthy somrus everywhere to brave Indra. (25)

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