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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 2 • Mantra / Rik 27

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 2 • ऋचा / मन्त्र 27

8.2.27

Mantra ID: 8.2.27

एह हरी॑ ब्रह्म॒युजा॑ श॒ग्मा व॑क्षतः॒ सखा॑यम् । गी॒र्भिः श्रु॒तं गिर्व॑णसम् ॥ (२७)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.2.27 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हव्य अन्न से युक्त एवं सुखकारक घोड़े स्तुतियों द्वारा प्रसिद्ध एवं सेवा करने योग्य मित्र इंद्र को यहां ले आवें. (२७)

EN English Translation

May the well-known and serviceable friend Indra be brought here by the praises of the happy and soothing horse hymns. (27)

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