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8.21.18
चित्र॒ इद्राजा॑ राज॒का इद॑न्य॒के य॒के सर॑स्वती॒मनु॑ । प॒र्जन्य॑ इव त॒तन॒द्धि वृ॒ष्ट्या स॒हस्र॑म॒युता॒ दद॑त् ॥ (१८)
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ऋग्वेद मन्त्र 8.21.18 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
बादल जिस प्रकार वर्षा द्वारा धरती को सभी संपत्तियों से युक्त बनाते हैं, उसी प्रकार राजा चित्र सरस्वती नदी के किनारे रहने वाले अन्य राजाओं को हजारों धन देकर प्रसन्न करते हैं. (१८)
EN English Translation
Just as the clouds make the earth full of all the wealth by rain, in the same way, king paintings please other kings living on the banks of the Saraswati river by giving thousands of money. (18)