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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 23 • Mantra / Rik 18

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 23 • ऋचा / मन्त्र 18

8.23.18

Mantra ID: 8.23.18

विश्वे॒ हि त्वा॑ स॒जोष॑सो दे॒वासो॑ दू॒तमक्र॑त । श्रु॒ष्टी दे॑व प्रथ॒मो य॒ज्ञियो॑ भुवः ॥ (१८)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.23.18 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अग्नि! सभी देवों ने मिलकर तुम्हें अपना दूत बनाया था. हे देवों में प्रमुख अग्नि! तुम शीघ्र ही यज्ञ के योग्य बन गए थे. (१८)

EN English Translation

O agni! All the gods together made you their messenger. O chief agni among the gods! You soon became worthy of yajna. (18)

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