Popular:
ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 25 • Mantra / Rik 3

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 25 • ऋचा / मन्त्र 3

8.25.3

Mantra ID: 8.25.3

ता मा॒ता वि॒श्ववे॑दसासु॒र्या॑य॒ प्रम॑हसा । म॒ही ज॑जा॒नादि॑तिरृ॒ताव॑री ॥ (३)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

ऋग्वेद मन्त्र 8.25.3 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

महती एवं सत्ययुक्त अदिति ने सबको जानने वाले, उत्कृष्ट तेज वाले मित्र व वरुण को असुरनाश करने वाली शक्ति के लिए उत्पन्न किया है. (३)

EN English Translation

Aditi, who is a great and truthful, has created the power to know everyone, a friend of excellent speed and to asuras that will destroy Varun. (3)

卐 HinduText AI