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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 27 • Mantra / Rik 11

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 27 • ऋचा / मन्त्र 11

8.27.11

Mantra ID: 8.27.11

इ॒दा हि व॒ उप॑स्तुतिमि॒दा वा॒मस्य॑ भ॒क्तये॑ । उप॑ वो विश्ववेदसो नम॒स्युराँ असृ॒क्ष्यन्या॑मिव ॥ (११)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.27.11 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे सर्वधनसंपन्न देवो! मैं अन्न पाने की अभिलाषा से इसी समय तुम्हारा उत्तम धन पाने के लिए ऐसी स्तुति करता हूं, जिसे किसी ने पहले नहीं सुना. (११)

EN English Translation

O god of all! I, with the desire to get food, at this time, praise you for getting the best wealth, which no one has heard before. (11)

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