Popular:
ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 31 • Mantra / Rik 2

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 31 • ऋचा / मन्त्र 2

8.31.2

Mantra ID: 8.31.2

पु॒रो॒ळाशं॒ यो अ॑स्मै॒ सोमं॒ रर॑त आ॒शिर॑म् । पादित्तं श॒क्रो अंह॑सः ॥ (२)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

ऋग्वेद मन्त्र 8.31.2 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

जो यजमान इंद्र को पुरोडाश एवं गाय के दूध से मिला सोमरस देता है, उसे इंद्र पाप से बचाते हैं, यह निश्चित है. (२)

EN English Translation

The host who gives Indra a sorodash and somras mixed with cow's milk, it is certain that Indra saves him from sin. (2)

卐 HinduText AI