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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 32 • Mantra / Rik 24

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 32 • ऋचा / मन्त्र 24

8.32.24

Mantra ID: 8.32.24

अध्व॑र्य॒वा तु हि षि॒ञ्च सोमं॑ वी॒राय॑ शि॒प्रिणे॑ । भरा॑ सु॒तस्य॑ पी॒तये॑ ॥ (२४)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.32.24 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अध्वर्युगण! शोभन जबड़ों वाले एवं वीर इंद्र के लिए सोमरस दो एवं उन्हें सोमरस पीने के लिए बुलाओ. (२४)

EN English Translation

O teacher! Give somras to shobhan jaws and veer indra and call them to drink somras. (24)

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