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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 40 • Mantra / Rik 12

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 40 • ऋचा / मन्त्र 12

8.40.12

Mantra ID: 8.40.12

ए॒वेन्द्रा॒ग्निभ्यां॑ पितृ॒वन्नवी॑यो मन्धातृ॒वद॑ङ्गिर॒स्वद॑वाचि । त्रि॒धातु॑ना॒ शर्म॑णा पातम॒स्मान्व॒यं स्या॑म॒ पत॑यो रयी॒णाम् ॥ (१२)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.40.12 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

मैंने अपने पिता मांधाता एवं अंगिरा ऋषि के समान नवीन स्तुतियों को बोला है. वे तीन कमरों वाले मकान को देकर हमारी रक्षा करें. हम धनों के स्वामी हों. (१२)

EN English Translation

I have spoken new hymns like my father Mandhata and Sage Angira. They protect us by giving us a three-room house. We are the masters of wealth. (12)

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