Popular:
ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 43 • Mantra / Rik 30

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 43 • ऋचा / मन्त्र 30

8.43.30

Mantra ID: 8.43.30

ते घेद॑ग्ने स्वा॒ध्योऽहा॒ विश्वा॑ नृ॒चक्ष॑सः । तर॑न्तः स्याम दु॒र्गहा॑ ॥ (३०)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

ऋग्वेद मन्त्र 8.43.30 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अग्नि! हम तुम्हारे लिए ही शोभन कर्म वाले एवं सभी दिवसों में तत्त्वद्रष्टा बनकर दुर्गम स्थानों को पार करेंगे. (३०)

EN English Translation

O agni! We will cross the difficult places for you as a philosopher on all days and with good deeds and on all days. (30)

卐 HinduText AI