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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 49 • Mantra / Rik 9

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 49 • ऋचा / मन्त्र 9

8.49.9

Mantra ID: 8.49.9

पा॒हि नो॑ अग्न॒ एक॑या पा॒ह्यु१॒॑त द्वि॒तीय॑या । पा॒हि गी॒र्भिस्ति॒सृभि॑रूर्जां पते पा॒हि च॑त॒सृभि॑र्वसो ॥ (९)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.49.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे शक्ति के स्वामी एवं निवासस्थान देने वाले अग्नि! पहली, दूसरी, तीसरी एवं चौथी ऋचा से प्रसन्न होकर हमारी रक्षा करो. (९)

EN English Translation

O Lord of Power and The Giver of Dwelling Fire! Protect us by being happy with the first, second, third and fourth richa. (9)

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